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Israel-Hamas War: इजराइल और हमास पर संघर्ष-विराम बढ़ाने का दबाव, नए सिरे से बंधकों की अदला-बदली की बन रही योजना – Utkal Mail


तेल अवीव। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ गाजा में संघर्ष-विराम को बढ़ाने के लिए दबाव डाल रहे हैं जो सोमवार को समाप्त हो जाएगा। इस संघर्ष-विराम ने पिछले कुछ दशकों में सबसे घातक इजराइली-फलस्तीनी हिंसा को रोक दिया है। इजराइल द्वारा कैद फलस्तीनियों की रिहाई के बदले, हमास चरमपंथियों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को छोड़ने के चौथे चरण के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं। इजराइल ने कहा है कि वह हर 10 अतिरिक्त बंधकों के लिए संघर्ष-विराम को एक दिन बढ़ाएगा। हमास ने यह भी कहा कि उसे अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता में हुई कई सप्ताह की परोक्ष वार्ता के बाद गत शुक्रवार को प्रभाव में आए चार दिन के संघर्ष-विराम के बढ़ने की उम्मीद है। 

लेकिन इजराइल का कहना है कि वह हमास की सैन्य क्षमताओं को कुचलने और गाजा पर उसके 16 साल के शासन को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका मतलब तबाह हुए उत्तरी गाजा से लेकर दक्षिण तक जमीनी हमले का विस्तार हो सकता है, जहां सैकड़ों हजारों फलस्तीनियों ने संयुक्त राष्ट्र के आश्रयगृहों में शरण ली है और जहां संघर्ष-विराम के तहत सहायता वितरण में तेजी के बावजूद गंभीर स्थितियां बनी हुई हैं। अब तक 62 बंधकों को रिहा किया जा चुका है, एक को इजराइली बलों ने मुक्त कराया, वहीं दो गाजा में मृत मिले हैं। इजराइल अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखने वाली चार साल की आबिगैल इदन को रविवार को रिहा किया गया था। 

उसके दो रिश्तेदारों ने एक बयान में कहा, ‘‘हम सभी बंधकों को वापस ला सकते हैं। हमें दबाव बनाये रखना होगा।’’ बंधकों के परिवारों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर उन्हें घर वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते हुए बड़े पैमाने पर मार्च निकाले हैं और प्रदर्शन किए हैं। बढ़ता हुआ दबाव नेतन्याहू को संघर्ष-विराम को बढ़ाने और हमास को अतिरिक्त रियायतें देने के लिए प्रेरित कर सकता है। लेकिन इजराइल भी सात अक्टूबर को हमास के हमले से काफी सदमे में है और आतंकवादी समूह को खतरे के रूप में हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। नेतन्याहू ने बंधकों के बारे में कहा, ‘‘अंतत: हम सभी को वापस ले आएंगे। हम अंत तक, जीत प्राप्त होने तक प्रयास जारी रखेंगे। कोई हमें नहीं रोक पाएगा।’’ 

हमास ने रविवार को 14 इजराइलियों समेत 17 और बंधकों को मुक्त कर दिया था। चार दिन के युद्ध-विराम के तहत यह बंधकों और कैदियों की तीसरी अदला-बदली है। इजराइल ने भी बदले में 39 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। अधिकतर बंधक शारीरिक रूप से स्वस्थ लगते हैं, लेकिन 84 वर्षीय एल्मा एव्राहम को सही से देखभाल नहीं मिल पाने के कारण हवाई मार्ग से इजराइल के सोरोका चिकित्सा केंद्र लाया गया। अस्पताल ने यह जानकारी दी। रविवार को रिहा किए गए लोगों में नौ बच्चे और तीन थाई नागरिक शामिल हैं। 

कुल 17 लोगों की रिहाई के साथ, थाईलैंड ने कहा कि वह शेष 15 थाई बंधकों की सुरक्षित वापसी का प्रयास कर रहा है, जो चरमपंथी समूह द्वारा रखे गए विदेशियों का सबसे बड़ा समूह है। इजराइल में काम करने वाले थाईलैंड के लोग ज्यादातर अर्द्ध-कुशल खेतिहर मजदूर के रूप में कार्यरत हैं। कैदियों और बंधकों की अदला-बदली का चौथा दौर सोमवार को होने की संभावना है। कुल 50 इजराइली बंधकों के बदले 150 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी है। हमास शासित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत से अब तक 13,300 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें करीब दो-तिहाई महिलाएं और पुरुष हैं। इजराइल के 1,200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। संघर्ष-विराम ने गाजा के करीब 23 लाख लोगों को कुछ सप्ताह के इजराइली हमलों के बाद राहत दी है। 

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