
जाजपुर: भूमि विवाद निपटाने के नाम पर घूस मांगने के मामले में विजिलेंस विभाग ने सोमवार शाम जाजपुर टाउन पुलिस स्टेशन के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) नंदकिशोर दास को ₹5,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। विजिलेंस टीम ने संदिग्ध राशि जब्त कर एएसआई दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, जाजपुर के बड़ा बाजार क्षेत्र के दो भाइयों—रासानंद साहू और उनके छोटे भाई डोलगोबिंद साहू—के बीच वर्ष 2015 से भूमि विवाद चल रहा था। मामला ओडिशा हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां लगभग दस वर्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने डोलगोबिंद के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले के बाद डोलगोबिंद ने विवादित भूमि के सीमांकन (डिमार्केशन) के लिए उप-कलेक्टर के कार्यालय में आवेदन दिया।
इसी दौरान, बड़े भाई रासानंद ने हाईकोर्ट में फैसले की पुनर्विचार याचिका दायर कर दी। अदालत ने जाजपुर तहसीलदार को सीमांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। लेकिन सीमांकन के दौरान दोनों भाइयों के बीच फिर तनाव बढ़ गया, जिसके चलते प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बाद जाजपुर टाउन थाना में केस नंबर 523/25 दर्ज किया गया और एएसआई दास को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच के दौरान एएसआई दास ने कथित रूप से डोलगोबिंद से ₹10,000 की घूस मांगकर मामले में मदद करने की पेशकश की। आर्थिक तंगी के कारण रिश्वत न दे पाने पर डोलगोबिंद ने विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई। पूर्व-नियोजित जाल बिछाते हुए विजिलेंस ने डोलगोबिंद को ₹5,000 की रकम के साथ भेजा। पैसे लेते ही विजिलेंस टीम ने एएसआई दास को रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह कार्रवाई विजिलेंस डीएसपी सुशील एक्का और डीएसपी सुलोचना नायक के नेतृत्व में की गई। निरीक्षक विजय सेठी, ज्योतिशंकर साहू, संगमित्रा दास, सरोज सेठी तथा एएसआई श्रीकांत नायक, सुभाषिस बेहेरा और बिष्वजीत दास की टीमें शामिल थीं। कट्टक, केंद्रापड़ा और जाजपुर की विजिलेंस इकाइयों ने तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर अहम दस्तावेजों की पड़ताल की।
विजिलेंस ने इस मामले में केस नंबर 34/25 के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया है कि घूसखोरी प्रकरण की आगे की जांच जारी है।



