श्रीलंका में चक्रवात ‘डिट्वा’ का कहर, अब तक 153 की मौत

चक्रवात ‘डिट्वा’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है। 2003 के बाद देश पहली बार इतनी भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, भीषण बाढ़ में अब तक 153 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं।
देश का आधा हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लगभग 44 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। राहत व बचाव कार्यों के लिए श्रीलंका सरकार ने सेना को तैनात किया है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
आपदा की घड़ी में भारत ने भी श्रीलंका को मानवीय सहायता भेजी है।
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ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से 12 टन राहत सामग्री भेजी गई।
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चेतक IN R11 विक्रांत हेलिकॉप्टर को भी राहत अभियान में लगाया गया है, जो अलग-अलग स्थानों पर फंसे लोगों को बाहर निकाल रहा है।
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इसके अलावा NDRF की 80 सदस्यीय टीम भी श्रीलंका पहुंचकर राहत कार्य में जुटी है।
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पीड़ितों के लिए 6.5 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री और दवाइयाँ भी भेजी गई हैं।
भारत में अलर्ट
संभावित चक्रवाती प्रभाव को देखते हुए चेन्नई एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस वजह से कोलंबो एयरपोर्ट पर 300 भारतीय यात्री फंसे हुए हैं।
श्रीलंका में हालात गंभीर हैं और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।



