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बसंत पंचमी में से पहले सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा, बोले-पूज्य संतों के धैर्य के आगे विफल हुए सनातन के विरोधी – Utkal Mail

प्रयागराज, अमृत विचारः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पहले हुई भगदड़ की घटना के बाद संयमित आचरण के लिए संतों और अखाड़ों की शनिवार को तारीफ की। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर महाकुंभ की आभा धूमिल करने का प्रयास करने वालों की आलोचना भी की।

सेक्टर-22 में दो संतों संतोष दास सतुआ बाबा और स्वामी राम कमलाचार्य के पट्टाभिषेक के लिए आयोजित धर्म सभा कार्यक्रम में पहुंचे योगी ने कहा, “संतों और अखाड़ों ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से चुनौतियों का सामना करते हुए इस अभियान को आगे बढ़ाया है।” मुख्यमंत्री ने तीन फरवरी को बसंत पंचमी के अमृत स्नान से पहले महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के लिए किए गए उपायों का जायजा लेने के लिए इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने संगम नोज के उस स्थान का भी जायजा लिया, जहां मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ मची थी। 

सीएम योगी ने कहा, “सनातन धर्म ही मानव धर्म है। सनातन रहेगा, तो मानव धर्म रहेगा, मानवता रहेगी, सृष्टि रहेगी। मैं उन पूज्य संतों का अभिनंदन करूंगा, जिन्होंने मौनी अमावस्या के अवसर पर पूरे धैर्य से स्थिति का सामना किया। कुछ पुण्यात्माएं हादसे का शिकार हुईं, लेकिन उन परिस्थितियों में हमारे संत एक अभिभावक के रूप में नजर आए।” उन्होंने कहा, “जैसे परिवार के ऊपर कोई विपत्ति आती है, तो परिवार का अभिभावक भयभीत नहीं होता। उसी तरह संतों ने हिम्मत के साथ खड़े होते हुए इस चुनौती का सामना किया और इससे उबरने में हमारी मदद की।” 

सीएम ने कहा, “आपने देखा होगा जो सनातन धर्म के विरोधी हैं, वो प्रयास कर रहे थे कि संतों का धैर्य जवाब दे जाए और उसके बाद जग-हंसाई कराई जाए, लेकिन मैं उन पूज्य संतों का अभिनंदन करूंगा, जिन्होंने उन परिस्थितियों में इस आयोजन को अपना आयोजन मानकर पूरे धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करते हुए पुण्यात्माओं के प्रति श्रद्धांजलि भी दी और मां गंगा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन भी किया।” उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा से पिछले 19 दिनों के अंदर 32 करोड़ से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य के भागीदार बने हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोग गुमराह करके सनातन धर्म के हर एक मुद्दे पर षड्यंत्र करने से बाज नहीं आते हैं। राम जन्मभूमि से लेकर आज तक, उनका व्यवहार और चरित्र जगजाहिर है। ऐसे लोगों से सावधान होकर सनातन धर्म के आदर्शों और मूल्यों के साथ इन पूज्य संतों के सानिध्य में हमें निरंतर आगे बढ़ना होगा।” उन्होंने कहा कि जब तक पूज्य संतों का सम्मान है, सनातन धर्म का कोई बाल बांका नहीं कर सकता। कार्यक्रम में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि जब से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी जी ने उत्तर प्रदेश का शासन अपने हाथों में लिया है, तब से सनातन का सूर्य पूरे विश्व को आलोकित कर रहा है। इस अवसर पर तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी ने मुख्यमंत्री को महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए आशीष और बधाई दी।

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