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शिवाजी महाराज को एकनाथ शिंदे ने बताया ‘दैवीय शक्ति’’, कहा- औरंगजेब का महिमामंडन करने वाले ‘देशद्रोही’ – Utkal Mail

ठाणे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जो लोग अब भी औरंगजेब की प्रशंसा कर रहे हैं, वे ‘‘देशद्रोही’’ हैं। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह ने राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की थी और लोगों पर अनेक अत्याचार किए थे। शिंदे ने कहा कि दूसरी ओर, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज एक ‘‘दैवीय शक्ति’’ थे, जो वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के लिए डटे रहे। 

शिंदे ने सोमवार रात ‘शिव जयंती’ के अवसर पर ठाणे जिले के डोंबिवली क्षेत्र के घरदा चौक पर शिवाजी महाराज की अश्वावारोही प्रतिमा का अनावरण करने के अवसर पर यह बात कही। छत्रपति शिवाजी महाराज की यह प्रतिमा उनकी विरासत, उनके साहस और नेतृत्व क्षमता के सम्मान में स्थापित की गई है। शिवसेना प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब राज्य के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की क्रब को हटाने की कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की मांग को लेकर बवाल मचा हुआ है। 

इस बीच, सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

शिंदे ने यहां शिवाजी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में कहा कि शिवाजी महाराज न केवल हिंदुत्व और भारतीय गौरव के प्रतीक थे, बल्कि वह ‘‘लोकतंत्र के आविष्कारक’’ भी थे। शिवसेना नेता ने महाराष्ट्र के खिलाफ औरंगजेब के अत्याचारों, विशेषकर शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज की हत्या की भी निंदा की। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘औरंगजेब महाराष्ट्र पर कब्जा करने आया था, लेकिन उसे शिवाजी महाराज की दिव्य शक्ति का सामना करना पड़ा। जो लोग आज भी औरंगजेब का गुणगान करते हैं, वे देशद्रोही के अलावा और कुछ नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिव छत्रपति अखंड भारत का गौरव और हिंदुत्व की हुंकार हैं। शिवाजी महाराज एक दूरदर्शी नेता, युगपुरुष, न्याय के प्रवर्तक और आम लोगों के राजा थे।’’ 

उपमुख्यमंत्री ने लोगों से शिवाजी महाराज के कम से कम एक गुण को अपने जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यही महान मराठा शासक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास की निरंतर याद दिलाती रहेगी तथा युवाओं और भावी पीढ़ियों को शिवाजी महाराज की वीरता और उनके शासन के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। शिंदे ने कहा कि घरदा चौक अब छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के नाम से जाना जाएगा।

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