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SEBI: तुहिन कांत पांडेय ने संभाला सेबी चेयरमैन का कार्यभार, पारदर्शिता का किया वादा – Utkal Mail

मुंबई। वरिष्ठ नौकरशाह तुहिन कांत पांडेय ने शनिवार को पूंजी बाजार नियामक सेबी के 11वें चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इस मौके पर उन्होंने पारदर्शिता और ‘टीम-वर्क’ पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया। अब तक वित्त सचिव के रूप में कार्य कर रहे पांडेय ने सेबी को एक ऐसा ‘मजबूत बाजार संस्थान’ बताया, जिसे वर्षों से विभिन्न दिग्गजों ने आकार दिया है। अपने कार्य-एजेंडे या कार्यशैली के बारे में बताने से इनकार करते हुए माधबी पुरी बुच के उत्तराधिकारी ने कहा कि वह किसी पर टिप्पणी नहीं करेंगे।

बुच पर उनके कार्यकाल के अंतिम कुछ महीनों में अनियमितताओं के कई आरोप लगे थे। बुच पांडेय के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) व्यावसायिक जिले में सेबी मुख्यालय पहुंचने पर मौजूद नहीं थीं। बताया जाता है कि वह अस्वस्थ हैं और उन्हें कोविड संक्रमण है। पांडेय को बृहस्पतिवार को सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) का चेयरमैन नियुक्त किया। पांडेय (59) ने संवाददाताओं से कहा, “सेबी एक बहुत मजबूत बाजार संस्था है। इसे वर्षों से लगातार अग्रणी लोगों के साथ बनाया गया है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।”

नए चेयरमैन ने अपने उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए चार टी- विश्वास (ट्रस्ट), पारदर्शिता (ट्रांसपेरैंसी), टीमवर्क और प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) को अपने मुख्य ध्यान वाले क्षेत्रों के रूप में बताया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ये चार तत्व हमें (सेबी) विशिष्ट बनाते हैं, और हम दुनिया में सबसे अच्छे बाजार संस्थानों में से एक बनाना जारी रखेंगे।” पिछले कुछ महीनों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में कुछ गतिविधियां देखने को मिली हैं, जहां इसके कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग ने प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।

सेबी के सभी चार पूर्णकालिक सदस्यों- अश्विनी भाटिया, अमरजीत सिंह, अनंत नारायण और कमलेश वार्ष्णेय ने सेबी मुख्यालय में पांडेय का स्वागत किया। पांडेय ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1987 बैच के अधिकारी हैं और उनका कार्यकाल तीन साल का है। पांडेय ऐसे समय में सेबी के प्रमुख का पद संभालेंगे जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी के बाद बाजार में मंदी का दबाव देखने को मिल रहा है।

जनवरी से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। पांडेय वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग को संभालने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सचिव थे। दीपम वित्त मंत्रालय का एक विभाग है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी इक्विटी का प्रबंधन करता है। 

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