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ममता बनर्जी ने नेताजी की जयंती पर केंद्र पर साधा निशाना, कहा- सरकार हमें फंड नहीं दे रही, पर हम भीख नहीं मांगेंगे – Utkal Mail

अलीपुरद्वार। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती के अवसर पर अलीपुरद्वार के सुभाषिनी चाय बागान के खेल मैदान में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सुविधाएं वितरित कीं, और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा “ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश के लिए योजना आयोग की स्थापना की थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नेताजी का जन्मदिन तो हमें पता है, लेकिन उनकी मृत्यु की तारीख आज भी रहस्य बनी हुई है। यह सोचकर दुख होता है कि वह एक षड्यंत्र का शिकार हुए।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 30,000 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। 

उन्होंने कहा कि चाय बागानों के श्रमिकों को 438 ‘चाय सुंदरनी’ घर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धूपगुड़ी में कई विकास परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। बंगाल के घर परियोजना के तहत मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिसंबर में 16 लाख लोगों को पहली किश्त और जून में दूसरी किश्त की धनराशि दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने चाय बागानों के श्रमिकों को जमीन का अधिकार (पाट्टा) और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की बात कही। 

ममता ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा “ केंद्र सरकार मनरेगा के लिए धन आवंटित नहीं कर रही है। लेकिन हम किसी से भीख नहीं मांगेंगे। हमने ‘कर्मश्री योजना’ शुरू की है, जिससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र जयगांव में अवैध कब्जों के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा “ अवैध कब्जों के मामलों पर तुरंत कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है। इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारा मुख्य उद्देश्य है, और गैरकानूनी कार्यों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।” 

कार्यक्रम में एक विशेष क्षण तब देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉन बारला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंच पर नजर आए। उनकी उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दिया। अंत में सुश्री बनर्जी ने उत्तर बंगाल के विकास कार्यों पर जोर देते हुए कहा “ हम चाय बागानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे। आने वाले दिनों में और अधिक चाय बागान खोले जाएंगे। केंद्र सरकार की अनदेखी के बावजूद, राज्य सरकार अपने लोगों के लिए काम करना जारी रखेगी।” 

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