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चुनाव मामले में सीजेपी की टिप्पणी के बाद राष्ट्रपति अल्वी को स्वेच्छा से इस्तीफा दे देना चाहिए : इशाक डार – Utkal Mail


इस्लामाबाद। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री सीनेटर इशाक डार ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से चुनाव में देरी मामले में उनके खिलाफ मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) की टिप्पणियों के बाद अपने पद से इस्तीफा देने का आग्रह किया है। डार ने जियो न्यूज के कार्यक्रम ‘जिरगा’ में कहा कि राष्ट्रपति के लिए यह उपयुक्त होगा कि वह स्वेच्छा से पद छोड़ दें क्योंकि उनका संवैधानिक कार्यकाल समाप्त हो गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश काजी फ़ैज़ ईसा की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया कि अल्वी ने आम चुनावों की तारीख की घोषणा न करके संविधान का उल्लंघन किया है।

शीर्ष न्यायाधीश ने पिछले सप्ताह विधानसभाओं के भंग होने के 90 दिनों के भीतर समय पर चुनाव की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की। डार ने कहा, “उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद बेहतर होगा कि राष्ट्रपति स्वेच्छा से इस्तीफा दे दें।” उन्होंने अगले साल 08 फरवरी को होने वाले आगामी आम चुनावों के बारे आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के कारण फरवरी के अंत तक चुनावों में और देरी हो सकती है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने नयी सीमाएं तय करने की प्रक्रिया को अंजाम देने में समय बचाया।

उन्होंने कहा कि आयोग ने अतीत में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं को मदद की और मांग की कि तथ्यों का पता लगाने के लिए एक सच्चाई और सुलह आयोग का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की, ”अगर पीएमएल-एन आगामी चुनावों में सत्ता में आती है तो मैं सत्य और सुलह आयोग के गठन की मांग करूंगा।” उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी ने देश में पीएमएल-एन जितना विकासात्मक कार्य नहीं किया है और 16 महीने की पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, ”नवाज शरीफ के लिए यह एक कठिन निर्णय था कि उन्हें 16 महीने के लिए सरकार बनानी है या नहीं।”

उन्होंने कहा कि अगर पीटीआई के नेतृत्व वाले शासन को हटाने के बाद गठबंधन सरकार सत्ता में नहीं आती तो पाकिस्तान चूक जाता। उल्लेखनीय है कि इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान डेमोक्रेडिट मूवमेंट (पीडीएम) सरकार ने अर्थव्यवस्था को डिफ़ॉल्ट से बचाकर पाकिस्तान में श्रीलंका जैसी स्थिति को टाल दिया।  डार ने दावा किया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें भी चाहती थीं कि पाकिस्तान चूक करे। डार ने चुनावी गठबंधन से जुड़े एक सवाल के जवाब में राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया , हालांकि उन्होंने कहा कि सीट-टू-सीट अथवा पीपीपी के साथ सीट समायोजन संभव है।

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