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यूक्रेन में क्लस्टर बम से मरने वालों की संख्या सीरिया से अधिक: रिपोर्ट – Utkal Mail


ऐन शीब (सीरिया)। यूक्रेन में साल 2022 में क्लस्टर बम से किए गए हमलों में 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 600 से अधिक लोग घायल हुए। एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था के मुताबिक, यूक्रेन बीते एक दशक में इन विवादित हथियारों से किए गए हमलों में सबसे ज्यादा जनहानि के मामले में सीरिया से आगे निकल गया है। क्लस्टर हथियारों पर प्रतिबंध की वकालत करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के नेटवर्क ‘क्लस्टर म्यूनिशन कोअलिशन’ ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 

उसने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस द्वारा बड़े पैमाने पर और यूक्रेन की ओर से सीमित स्तर पर क्लस्टर बम के इस्तेमाल से 2022 वैश्विक स्तर पर इन हथियारों से जनहानि के मामले में अब तक का सबसे घातक साल रहा। क्लस्टर बम हवा में खुलते हैं और बड़े पैमाने पर छोटे बम और हथियार गिराते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है। यूक्रेन के महा अभियोजक कार्यालय के अनुसार, देश में क्लस्टर बम से सबसे घातक हमला क्रामातोरस्क शहर के एक रेलवे स्टेशन पर हुआ था, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 135 लोग घायल हुए थे। 

सीरिया और मध्य-पूर्व एशिया के अन्य युद्ध प्रभावित देशों में लड़ाई धीमी पड़ी है, लेकिन विस्फोटकों के अवशेष हर साल दर्जनों लोगों की जान ले रहे हैं या उन्हें अपंग बना रहे हैं। अमेरिका ने इस साल जुलाई में घोषणा की थी कि वह रूस के खिलाफ इस्तेमाल के लिए यूक्रेन को क्लस्टर हथियारों की आपूर्ति करेगा। अमेरिकी घोषणा के बाद ऐसे हथियारों से होने वाले खतरों को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। 

‘क्लस्टर म्यूनिशन कोअलिशन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में सीरिया में क्लस्टर बम या उनके अवशेषों की चपेट में आने से कुल 15 लोगों की जान गई और 75 अन्य घायल हुए। इराक में पिछले साल क्लस्टर बम से एक भी हमले की सूचना नहीं मिली, लेकिन वहां इन विस्फोटकों के अवशेष से 15 लोग मारे गए और 25 अन्य घायल हुए। यमन को भी पिछले साल क्लस्टर बम के हमले का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन वहां इन विस्फोटकों के अवशेषों ने पांच लोगों की जान ले ली, जबकि 90 अन्य घायल हो गए।

 रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर क्लस्टर बम के अधिकांश पीड़ित बच्चे हैं। दरअसल, इस तरह के कुछ बम धातु से बनी गेंद से काफी मेल खाते हैं, जिससे बच्चे अक्सर इनसे खेलने लगते हैं और अनजाने में उसकी चपेट में आ जाते हैं। ‘क्लस्टर म्यूनिशन कोअलिशन’ की वार्षिक रिपोर्ट के विभिन्न संपादकों में से एक लॉरेन पर्सी ने कहा कि अक्सर चरवाहे और कबाड़ धातु इकट्ठा करने वाले लोग भी जमीन पर बिखरे छोटे बम और हथियार की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि खेतों में भी इन हथियारों के गिरने की खबरें सामने आई हैं, जिनकी चपेट में आने से कई लोगों को नुकसान पहुंचा है।

 पर्सी के अनुसार, क्लस्टर बम से गिराए गए ऐसे छोटे बम और हथियारों को, जिनमें विस्फोट नहीं हुआ है, हटाने की कोशिशें वित्त की कमी और सीरिया के अलग-अलग हिस्सों को नियंत्रित करने वाले तत्वों के बीच समन्वय के अभाव से प्रभावित हो रही हैं। लगभग 124 देश क्लस्टर युद्ध सामग्री पर प्रतिबंध लगाने वाली संयुक्त राष्ट्र संधि में शामिल हुए हैं। हालांकि, इनमें अमेरिका, रूस, यूक्रेन और सीरिया शामिल नहीं हैं। 

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