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बरेली: शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की प्रतीक हरियाली तीज आज, सुहागिनों के लिए है इस बार विशेष फलदाई – Utkal Mail


बरेली, अमृत विचार। आज हरियाली तीज का पर पर्व है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिवजी की पूजा करने का विधान है। सुहागिन महिलाएं जहां अपने पति की दीर्घायु और संतान की प्राप्ति के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। 

वहीं कुंवारी लड़कियां सुयोग्य वर पाने के लिए ये व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। हरियाली तीज पर हरे रंग का महत्व होने की वजह से महिलाएं इस दिन हरी साड़ी और कांच की हरी चूड़ियां जरूर पहनती हैं। 

इन बारे में जानकारी देते हुए आचार्य रमाकांत दीक्षित ज्योतिषाचार्य आराध्य ज्योतिष केंद्र मारवाड़ी गंज गंगापुर चौराहा ने बताया कि इस साल हरियाली सिद्धि योग, बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग में मनाई जाएगी यह व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए पूरे दिन निर्जाला व्रत रखा जाता है और शाम के समय पूजा की जाती है।

हरियाली तीज व्रत में मां गौरा पार्वती और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है, धार्मिक शास्त्रों में हरियाली तीज व्रत को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है।

हरियाली तीज की पूजन विधि 
हरियाली तीज के दिन सोलह ऋृंगार करके पूरे दिन उपवास रखना चाहिए। श्रृंगार में मेहंदी जरूर लगाएं और चूड़ियां जरूर पहनें। शाम को शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। मंदिर में घी का बड़ा दीपक जलाएं। मां पार्वती और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। पूजा के बाद सुहागन और जरूरत स्त्री को सुहाग की वस्तुएं दान करें और उनका आशीर्वाद लें। 

ऐसे करें यह पूजन
शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की प्रतीक हरियाली तीज तीन शुभ संयोग में मनेगी। इस दिन सोलह श्रृंगार जरूर करें और पूरे दिन व्रत रहें। हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही गणेश जी की भी पूजा की जाती है। पूजा के लिए एक चौकी तैयार करें और उसपर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। फिर इस चौकी में भगवान की मूर्तियां स्थापित करें और भगवान को नए वस्त्र पहनाएं। इसके बाद माता पार्वती को सोलह श्रृंगार से जुड़े सभी सामान, साड़ी और चुनरी अर्पित करें। पूजा के दौरान तीज की व्रत कथा सुनें या पढें। इसके बाद आरती करें-आचार्य रमाकांत दीक्षित ज्योतिषाचार्य आराध्य ज्योतिष केंद्र मारवाड़ी गंज गंगापुर चौराहा, बरेली।

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