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बांग्लादेश में हिंसक झड़पों में अब तक 200 लोगों की मौत, धीरे-धीरे सामान्य हो रही है स्थिति   – Utkal Mail

ढाका। बांग्लादेश में एक सप्ताह से अधिक समय तक हिंसा के दौर के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। वहीं, बुधवार को देश में इंटरनेट उपयोग और कार्यालयों के समय को सीमित कर दिया गया। ढाका और अन्य शहरों में विश्वविद्यालय के छात्रों ने 1971 में बांग्लादेश के ‘मुक्ति संग्राम’ के लिए लड़ने वाले युद्ध नायकों के रिश्तेदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों को आरक्षित करने की प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसने हिंसक रूप ले लिया था और इसमें लगभग 200 लोगों की मौत हो गई थी। 

देश के अधिकांश हिस्सों में इंटरनेट शुरू नहीं किया गया, हालांकि अधिकारियों ने कर्फ्यू में सात घंटे की ढील दी, जिस दौरान राजधानी की सड़कों पर हजारों गाड़ियां नजर आईं। बांग्लादेश में बुधवार को कार्यालय और बैंक कुछ घंटों के लिए खोले गए, जबकि अधिकारियों ने ढाका और दूसरे सबसे बड़े शहर चटगांव के कुछ इलाकों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट बहाल कर दिया। बंगाली भाषा के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ में बुधवार को प्रकाशित हुई खबर में बताया कि 16 जुलाई से अब तक हिंसा में कम से कम 197 लोग मारे गए हैं।

‘एसोसिएटेड प्रेस’ किसी भी आधिकारिक स्रोत से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सका। देश में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे। बांग्लादेश में 15 जुलाई से आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी पार्टी द्वारा छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन दिए जाने के बाद इसने हिंसक रूप ले लिया और पूरे देश में हिंसा फैल गई। ढाका में कई सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी हमले किए गए।

बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय ने रविवार के अपने फैसले में कहा कि 93 प्रतिशत सरकारी नौकरियां योग्यता आधारित प्रणाली के आधार पर आवंटित की जाएं, पांच प्रतिशत 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भाग लेने वालों के परिजनों तथा अन्य श्रेणियों के लिए दो प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएं। बांग्लादेश की सरकार ने बुधवार को परिपत्र जारी कर उच्चतम न्यायालय के सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली में सुधार किए जाने वाले फैसले को स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वह फैसले को लागू करने के लिए तैयार है। 

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utkalmailtv

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