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स्पेन, पुर्तगाल में ब्लैकआउट से व्यवस्थाएं हुई ठप, लाखों लोग बिना बिजली रहने को मजबूर – Utkal Mail

बार्सिलोना, अमृत विचार। स्पेन और पुर्तगाल में सोमवार को अभूतपूर्व ‘ब्लैकआउट’ ने दोनों देशों के अधिकतर हिस्सों को ठप कर दिया, जिससे हजारों रेल यात्री फंस गए और लाखों लोग फोन एवं इंटरनेट की पहुंच से वंचित रहे। साथ ही स्पेन एवं पुर्तगाल के कब्जे वाले इबेरियन प्रायद्वीप में लोगों को ATM से नकदी निकालने में मुश्किल आई। पावर ग्रिड के अचानक ठप होने के बाद अधिकारी इसके कारणों का पता लगाने की मशक्कत करते रहे। 

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि राष्ट्र में सबकुछ ठप पड़ जाने के लगभग 11 घंटे बाद भी सरकारी विशेषज्ञ अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हुआ क्या था। सांचेज ने कहा, ‘हमारी व्यवस्था कभी भी पूरी तरह धराशायी नहीं हुई।’ उन्होंने सोमवार को दोपहर 12:33 बजे विस्तार से बताया कि स्पेन के पावर ग्रिड में मात्र पांच सेकंड में 15 गीगावाट बिजली का नुकसान हुआ, जो उसकी राष्ट्रीय मांग के 60 प्रतिशत के बराबर है। 

स्पेन के बिजली वितरक ‘रेड इलेक्ट्रा’ के परिचालन प्रमुख एडुआर्डो प्रीटो ने कहा कि इस तरह की घटना ‘असाधारण एवं अभूतपूर्व’ थी। स्पेन में रात 11 बजे तक लगभग 50 प्रतिशत बिजली बहाल हो गई थी और प्रधानमंत्री ने मंगलवार तक 4.8 करोड़ की आबादी वाले देश में बिजली पूर्ण रूप से बहाल होने का वादा किया। यह छह सप्ताह से भी कम समय में यूरोप में दूसरी गंभीर बिजली कटौती की घटना थी। 

इससे पहले 20 मार्च को आग लगने के कारण ब्रिटेन में हीथ्रो हवाई अड्डा बंद हो गया था। पुर्तगाल के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने एक बयान में कहा कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि बिजली की यह कटौती साइबर हमले के कारण हुई थी। यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष टेरेसा रिबेरा ने ब्रसेल्स में पत्रकारों को यही संकेत दिया और कहा कि बिजली संकट ‘हाल के दिनों में यूरोप में दर्ज सबसे गंभीर घटनाओं में से एक’ है। 

रिबेरा यूरोपीय आयोग की स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के संबंध में काम करने वाली इकाई की प्रभारी भी हैं। बिजली संकट दोपहर में शुरू हुआ। मैड्रिड और लिस्बन में कार्यालय बंद हो गए और यातायात बाधित हो गया, वहीं बार्सिलोना में कुछ नागरिकों ने यातायात को नियंत्रित किया। दोनों देशों में ट्रेन सेवाएं बंद हो गईं। 

स्पेन में आपातकालीन सेवाओं और रेल कर्मचारियों ने बिजली कट जाने के कारण पटरियों पर रुकी हुईं 100 से अधिक ट्रेनों से लगभग 35,000 लोगों को निकाला। सांचेज ने कहा कि रात 11 बजे तक 11 ट्रेनों के यात्रियों को निकालना बाकी था।

बार्सिलोना निवासी इवेट कोरोना ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मैं घर कैसे जाऊंगी।’ अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाओं को जनरेटर की मदद लेनी पड़ी। गैस स्टेशन बंद हो गए। अधिकांश मोबाइल फोन नेटवर्क पर कॉल करना संभव नहीं था, हालांकि कुछ ऐप हल्के-फुल्के तरीके से काम कर रहे थे। 

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