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नेतन्याहू ने संघर्ष-विराम की बढ़ती मांग को किया खारिज, कहा- गाजा पट्टी में सत्तारूढ़ हमास… – Utkal Mail


दीर अल बलाह। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष-विराम की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अपील को शनिवार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी में सत्तारूढ़ हमास चरमपंथियों को कुचलने के लिए इजराइल की लड़ाई ‘पूरी ताकत’ के साथ जारी रहेगी। टेलीविजन पर दिए संबोधन में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि संघर्ष-विराम तभी संभव है, जब गाजा में चरमपंथियों द्वारा बंधक बनाए गए 239 लोगों को रिहा किया जाएगा। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध के बाद गाजा का असैनिकीकरण किया जाएगा और इजराइल क्षेत्र में अपना सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखेगा। यह रुख इजरायल के निकटतम सहयोगी अमेरिका द्वारा युद्ध के बाद के परिदृश्यों को लेकर व्यक्त किये गये विचारों के विपरीत है। अमेरिका ने कहा था कि वह क्षेत्र के फिर से इजराइल के कब्जे में जाने का विरोध करता है। यह पूछे जाने पर कि सुरक्षा नियंत्रण से उनका क्या मतलब है, नेतन्याहू ने कहा कि चरमपंथियों को पकड़ने के लिए जब जरूरी हो, इजराइली सेना गाजा में प्रवेश करने में सक्षम होनी चाहिए। 

गाजा के सबसे बड़े अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा था कि क्षेत्र के आखिरी जनरेटर का ईंधन खत्म होने से समय से पहले जन्मे एक शिशु, इंक्यूबेटर में रखे गए एक बच्चे और चार अन्य मरीजों की मौत हो गई है। चिकित्सकों के इस बयान में बाद इजराइल पर संघर्ष-विराम का दबाव बढ़ रहा है। 

युद्ध में घायल हजारों लोग, चिकित्सा कर्मचारी और विस्थापित नागरिक युद्ध क्षेत्र में फंस हुये हैं। दरअसल, इजराइल ने शिफा अस्पताल को हमास की मुख्य कमान चौकी के रूप में चित्रित करते हुए कहा है कि आतंकवादी वहां नागरिकों का ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्होंने इसके नीचे बंकर बनाए हैं। हालांकि, इस दावे का हमास के साथ ही शिफा प्रशासन ने खंडन किया है। हाल के दिनों में, उत्तरी गाजा में शिफा और अन्य अस्पतालों के पास लड़ाई तेज हो गई है, जिससे वहां जरूरी चीजों की आपूर्ति ठप पड़ गई है। 

शिफा के निदेशक मोहम्मद अबू सेल्मिया ने गोलियों और विस्फोटों की आवाज के बीच फोन पर बात करते हुए कहा, “बिजली नहीं है। चिकित्सा उपकरण बंद हो गए हैं। मरीजों, विशेष रूप से गहन देखभाल इकाई में रखे गए लोगों की मौत होने लगी है।’’ अबू सेल्मिया ने कहा कि इजराइली सैनिक ‘अस्पताल के बाहर या अंदर किसी को भी गोली मार रहे हैं’ और परिसर में इमारतों के बीच आवाजाही रोक दी है। इजराइल की सेना ने अस्पताल के बाहर झड़प की पुष्टि की, लेकिन रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने इस बात से इनकार किया कि शिफा की घेराबंदी की गई है। उन्होंने कहा कि सैनिक शिफा में इलाज करा रहे शिशुओं को वहां से स्थानांतरित करने में रविवार को मदद करेंगे। 

हगारी ने दावा किया, ‘‘हम अस्पताल के कर्मचारियों के साथ सीधे और नियमित रूप से बात कर रहे हैं।’’ इजराइल के सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख अमोस याडलिन ने ‘चैनल 12’ से कहा कि चूंकि इजराइल का लक्ष्य हमास को कुचलना है, इसलिए अस्पतालों पर नियंत्रण कायम करना महत्वपूर्ण होगा, लेकिन इस दौरान मरीजों, अन्य नागरिकों और इजराइली बंधकों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए ‘बहुत सारी सामरिक रचनात्मकता’ की भी आवश्यकता पड़ेगी। 

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