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मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा- इंदौर के पर्यटक की हत्या के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा – Utkal Mail

शिलांग। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को कहा कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या के दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए उनकी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राजा (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंगरियात गांव में एक होमस्टे से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। 

सोमवार को राजा का शव गांव से 20 किलोमीटर दूर एक खाई में मिला, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए।’’ परिवार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है जिस पर संगमा ने कहा कि सरकार इस संबंध में उचित निर्णय लेगी। 

उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि हम घटना से जुड़े सभी तथ्यों तक पहुंचें ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसलिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, हम उठाएंगे… फिर हम उचित निर्णय लेंगे। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्या हुआ, घटना से संबंधित कितनी जानकारी हमारे पास है और कितनी नहीं, क्योंकि अभी भी बहुत सारी कड़ियां आपस में जुड़ नहीं पा रही हैं।’’ 

मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार राजा की पत्नी की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इस घटना को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए संगमा ने कहा कि मेघालय में इससे पहले इस तरह की घटना कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए चौंकाने वाली और स्तब्ध करने वाली घटना है। स्थानीय लोग और पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक बहुत व्यथित और चिंतित हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा।’’ 

संगमा ने कहा कि मेघालय हमेशा से एक पर्यटक-अनुकूल राज्य रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने हमेशा पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। पिछले कुछ वर्षों में लाखों पर्यटक राज्य में आए हैं। यह घटना हमारे लिए असामान्य और अप्रत्याशित है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। मैं समझता हूं कि यह उनके लिए बहुत बड़ी क्षति है, लेकिन मैं उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटनाक्रम क्या था, कैसे हुआ, कब हुआ।’’ 

मध्य प्रदेश के इंदौर से आए दंपति 22 मई को किराये के स्कूटर से मावलखियात गांव पहुंचे थे। दोनों नोंगरियात गांव में पेड़ों की जड़ों से बने प्रसिद्ध पुलों को देखने के लिए घाटी से 3,000 से अधिक सीढ़ियां उतर कर नीचे पहुंचे थे। वे नोंगरियात गांव में रात भर रुके और अगली सुबह होमस्टे से निकल गए। चौबीस मई को, उनका स्कूटर शिलांग से सोहरा जाने वाली सड़क के किनारे एक कैफे के बाहर लावारिस मिला।  


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