विदेश

उत्तरी इराक में एक सैन्य अड्डे पर हमले में तुर्किये के पांच सैनिकों की मौत, विदेश मंत्री ने परिवारों के प्रति संवेदना की व्यक्त – Utkal Mail

इस्तांबुल। उत्तरी इराक के अर्द्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में शुक्रवार को तुर्किये के पांच सैनिक मारे गए। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने इस हमले के लिए कुर्द लड़ाकों को जिम्मेदार ठहराया है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमलावरों ने सैन्य अड्डे में घुसपैठ करने का प्रयास किया, इस दौरान आठ सैनिक घायल हो गए जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। 

मंत्रालय ने कहा कि 12 लड़ाकों को मार गिराया गया है और क्षेत्र में अभियान जारी है। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। विदेश मंत्री हाकन फिदान ने बाद में मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से जुड़े लड़ाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी सीमाओं के भीतर और बाहर पीकेके आतंकवादी संगठन के खिलाफ अंत तक लड़ेंगे।’’ 

ये झड़पें तीन हफ्ते पहले उत्तरी इराक में हुए ऐसे ही हमले के बाद हुई हैं जिसमें 12 तुर्किये सैनिकों की मौत हो गई थी। तुर्किये के अधिकारियों के अनुसार पीकेके से जुड़े आतंकवादियों ने 22 दिसंबर को उत्तरी इराक में एक तुर्किये सैन्य अड्डे में सेंध लगाने की कोशिश की। इसके बाद हुई गोलीबारी में छह सैनिकों की मौत हो गई। अगले दिन कुर्द लड़ाकों के साथ संघर्ष में छह और तुर्किये सैनिक मारे गए। 

तुर्किये ने इसके जवाब में उन स्थानों पर हमले किया जिनके बारे में अधिकारियों ने कहा था कि वे इराक और सीरिया में पीकेके से जुड़े थे। रक्षा मंत्री यासर गुलेर ने उस समय कहा था कि हवाई हमलों और जमीनी हमलों में दर्जनों कुर्द आतंकवादी मारे गए।

यह तत्काल स्पष्ट नहीं है कि शुक्रवार का हमला और तीन सप्ताह पहले हुआ हमला एक ही सैन्य अड्डे पर हुआ था या नहीं। पीकेके का उत्तरी इराक में गढ़ है। उसने तुर्किये में दशकों से जारी विद्रोह का नेतृत्व किया है और अमेरिका सहित तुर्किये के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा इसे एक आतंकवादी संगठन माना जाता है। 

ये भी पढे़ं- म्यांमार की सेना और जातीय गुरिल्ला समूहों के बीच तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति

 


utkalmailtv

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button