भारत

बाघिन का दुधमुंहे बच्चों को पालने से इनकार, डॉगी ने मां की तरह लुटाया प्यार…दूध पिलाकर की परवरिश – Utkal Mail


सोशल मीडिया। इंसान से लेकर जानवरों तक मां की ममता कभी कम नहीं होती है। एक मां अपने बच्चों की देखभाल के लिए किसी भी हद तक चली जाती है। क्योंकि एक मां के लिए दुनिया की कोई भी वस्तु अपने बच्चों से ज्यादा प्यारी और महत्वपूर्ण नहीं होती है। अगर मां को अपने बच्चे के लिए किसी तरह का कोई खतरा महसूस होता है तो वह उसके सामने ढाल की तरह खड़ी हो जाती है। लेकिन कई बार ऐसा भी देखा गया है कि एक मां अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है।

दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बाघिन द्वारा अपने ही शावकों को त्याग देने का वीडियो शेयर किया गया है। जिसमें बाघिन ने अपने ही बच्चों को दूध पिलाने से इंकार कर दिया। जैसी भी शावक अपनी मां के पास जाते थे, बाघिन उन पर झपट पड़ती थी। ऐसी हालत में यह डर था कि बिना मां के दूध के यह बच्चे कमजोर होकर कुपोषण से मारे जाएंगे। इस स्थिति से निपटने के लिए चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने एक गोल्डन रिट्रीवर डॉगी को हायर कर शावकों की देखभाल में लगाया गया। आज यह डॉगी कई बाघों की मां बन चुकी है। 

WhatsApp Image 2023-10-27 at 6.57.50 PM

अपने ही शावकों को दूध नहीं पिलाती थी बाघिन
दरअसल, जानवरों की ऐसी कई एक्टिविटी होती हैं, जिससे उनकी वजह समझ पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल स्टोरी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर बाघिन ने अपने ही बच्चों को दूध क्यों नहीं पिलाया। लेकिन जैसे ही बाघिन के पास उनके बच्चे जाते तो वह उन पर झपट पड़ती थी। ऐसे में उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए उन्हें मां से अलग कर दिया गया। जिसके बाद वह भूख से बिलबिलाने लगे साथ ही कमजोर भी हो गए, इतना ही नहीं वह जिंदगी के लिए तड़पने लगे।

एक डॉगी बनी बाघों की मां
चिड़ियाघर प्रशासन ने जब इस हालत को देखा तो इससे उबरने के लिए एक गोल्डन रिट्रीवर डॉगी की सहायता ली। जिसने बाघिन के बच्चों को अपना लिया और बच्चे डॉगी का दूध पीकर बड़े हुए। आज यह सभी बच्चे बड़े हो चुके हैं और इसी डॉगी को अपनी मां समझते हैं। डॉगी और बाघों के बीच  नजदीकियां देख हर कोई हैरत में पड़ जाता है। वहीं लोगों को यह वीडियो बेहद पसंद आ रहा है।

यह भी पढ़ें- बंगाल में हुई PG मेडिकल छात्र की डेंगू से मौत


utkalmailtv

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button