औरंगजेब विवाद के बीच नागपुर में भड़की हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल…आगजनी के बाद भारी फोर्स तैनात – Utkal Mail

Nagpur News: औरंगजेब विवाद के बाद नागपुर में बवाल हो गया। जहां दो गुटों के बीच झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है और कुछ जगहों पर आगजनी भी की गई है। माहौल को देखते हुए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शांति की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर विश्वास न करें।
नागपुर में औरंगजेब का पुतला जलाने के बाद बड़ा बवाल हो गया, क्योंकि पुतले पर हरी चादर थी। हरी चादर पर मजहबी बातें लिखी होने के कारण मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो गई, जिसके बाद इसका विरोध जताते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास जमा हो गए। उन्होंने पथराव कर दिया, कई गाड़ियों में तोड़फड़ की और आसपास के इलाके में आग लगी दी। फिलहाल पुलिस ने शिवाजी चौक और चिटनीस पार्क के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है और स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने सोमवार को यहां प्रदर्शन किया। दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता महल क्षेत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास एकत्र हुए, नारे लगाए और औरंगजेब का पुतला जलाया। पत्रकारों से विहिप के क्षेत्रीय सचिव (महाराष्ट्र और गोवा) गोविंद शेंडे ने कहा कि संगठन ने औरंगजेब और छत्रपति संभाजीनगर के खुल्दाबाद में उसके मकबरे के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम छत्रपति संभाजीनगर तक मार्च करेंगे और कारसेवा करेंगे। हमारे कार्यकर्ता कब्र को हटाकर समुद्र में फेंक देंगे। हालांकि, उससे पहले हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह जिले से उस कब्र को हटाने की दिशा में काम करे।”
कब्र हटाने के लिए विहिप की ‘कारसेवा’ की चेतावनी पर वरिष्ठ राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य सरकार को इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेना चाहिए और उचित कदम उठाने चाहिए, क्योंकि इससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है।
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