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पदार्पण टेस्ट में तेंदुलकर और द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों को देखना 'सपने' जैसा था, 100वें टेस्ट मैच से पहले बोले केन विलियमसन – Utkal Mail

क्राइस्टचर्च। अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने के लिए तैयार न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन ने बुधवार को उस पल को याद किया जब 2010 में अहमदाबाद में पदार्पण टेस्ट मैच में वह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे महान खिलाड़ियों से घिरे हुए थे। विलियमसन ने कहा कि जिन खिलाड़ियों को देखते हुए वह बड़े हुए थे उनके सामने खेलने का मौका मिलना किसी सपने के सच होने जैसा था। ड्रॉ पर छूटे इस टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड के लिए पहली पारी में 131 रन बनाकर विलियमसन ने अपने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था। वह शुक्रवार से यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की श्रृंखला के दूसरे मैच में 100 टेस्ट शतकों का आंकड़ा पूरा करेंगे। 

विलियमसन ने संवाददाताओं से कहा,  मुझे याद है जब मैं मैदान में उतरा तो वहां ऐसे खिलाड़ी मौजूद थे जो मेरे लिए नायक की तरह थे और मैं उनके खेल को देखते हुए बड़ा हुआ था। उस टीम में ऐसे सभी खिलाड़ी थे जिन्हें मैं पसंद करता था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वहां  तेंदुलकर, लक्ष्मण और द्रविड़ जैसे खिलाड़ी थे और मैं सोच रहा था कि मैं यहां कैसे हूं।  बेहतर होगा कि मैं गेंद को देखना शुरू करूं और प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश करूं।

 इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल अवास्तविक था। मुझे याद है कि मैं भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में जाने की कोशिश कर रहा था ताकि उन खिलाड़ियों से कुछ बात कर सकूं।’’ उस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने 173, द्रविड़ ने 104 और तेंदुलकर ने 40 रन का योगदान दिया था। भारतीय टीम ने पहली पारी में 487 रन बनाये थे। अब तक 99 टेस्ट खेलने वाले विलियमसन ने कहा कि वह अब भी सीखना जारी रखना चाहते है। 

टेस्ट में 32 शतक और 33 अर्धशतक के दम पर 55.25 की औसत से 8675 रन बनाने वाले विलियमसन ने कहा,  इस दौरान उनके कुछ बाल सफेद हुए, अलग-अलग जगहों पर खेलने का अनुभव मिला।’’ विलियमसन ने कहा कि उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप को जीतना एक है। न्यूजीलैंड ने साउथम्पटन (इंग्लैंड) में खेले गये 2021 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था। उन्होंने कहा, ‘‘ टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (2021 में भारत के खिलाफ) कुछ ऐसा है जो कई कारणों से विशेष है। लेकिन यह एक यात्रा है। यह ऐसे अनुभव है जिससे आप सीखते है।

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